अगर आप सपने देखोगे नहीं,
तो सपने
पूरे कैसे होंगे
?
If you do not dream, then how will your dreams come true?
अनिल अग्रवाल
सपनों और दृढ़ संकल्प के साथ वेदांता को आगे बढ़ाना
प्राकृतिक संसाधनों को एकत्रित करने में अग्रणी ग्रुप वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के चेयरमैन व फाउंडर और अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के चेयरमैन - वेदांता की लोक-हितैषी शाखा जिसे समाज के लिए कुछ अच्छा करने हेतु अपने दृष्टिकोण को लागू करने के लिए बनाया गया है।
विनयशील आरंभ शुरुआत के मूल आधार का अनुसरण करना
अनिल अग्रवाल की कहानी एक कल्पनाकर्ता की है, जिसने कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से अपने सपनों को साकार किया है।
भारत के एक छोटे से गाँव में जन्मे अनिल अग्रवाल ने अपनी विनयशील शुरुआत को अपनी उपलब्धियों तक सीमित नहीं होने दिया।
19 वर्ष की उम्र में, वे अपनी आंखों में एक सपना लिये हुए सिर्फ एक टिफिन बॉक्स और बिस्तर के साथ घर छोड़कर सपनों के शहर मुंबई के लिए निकल गये थे। वे अपनी कंपनी शुरू करके इस शहर के समृद्धि भरे इतिहास में अपनी जगह बनाने के लिए तैयार थे।
अपने प्रारंभिक वर्षों में, उन्होंने नौ अलग-अलग व्यवसायों के साथ अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन सभी विफल रहे, लेकिन फिर भी वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष करते रहे। अपने विशिष्ट दृढ़ संकल्प के साथ, जो जीवन भर उनकी कसौटी रही है, उन्होंने अपना दसवां प्रयास आरंभ किया।
जब केबल उत्पादन उनका नवीनतम उद्यम आगे बढ़ने लगा, उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा - तेजी से कॉपर व एल्यूमीनियम के विनिर्माण में विस्तार किया, और आज के दिग्गज ग्रुप वेदांता को जन्म दिया।
धातु व्यापारी से शीर्ष वैश्विक लीडर बनने तक का उनका सफर काफी प्रेरणा भरा रहा है।
अनिल अग्रवाल फाउंडेशन
वेदांता के सोशल इम्पैक्ट इनीशिएटिव की सर्वसमावेशी इकाई की स्थापना भारत में मजबूत और प्रतिरोधक्षमतापूर्ण समुदाय बनाने के मिशन को पूरा करने हेतु की गई है। अनिल अग्रवाल फाउंडेशन ने स्वास्थ्य देखभाल, पोषण, महिला व बाल विकास, पशु कल्याण और जमीनी स्तर के खेल पर ध्यान देने के साथ-साथ वंचित महिलाओं व बच्चों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने वाले सोशल इम्पैक्ट प्रोजेक्टों में अगले 5 वर्षों के दौरान ₹5000 करोड़ का निवेश करने की योजना बनाई है, जिनका उद्देश्य भूखमरी का उन्मूलन करना है, ताकि "कोई भी भूखा न सोए"।
वेदांता के प्रमुख प्रोजेक्ट नंद घर के मार्गदर्शक अनिल अग्रवाल हैं।
नंद घर ने पिछले पांच वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण व महिला सशक्तिकरण में हस्तक्षेप के माध्यम से 1.7 करोड़ से अधिक भारतीयों के जीवन को बदल दिया है। नंद घरों को समुदायों के भीतर परिवर्तन लाने वाले केंद्र के रूप में डिजाइन किया गया है। श्री अग्रवाल नंद घर कार्यक्रम के माध्यम से 8 करोड़ से अधिक बच्चों और 2 करोड़ से अधिक महिलाओं को सकारात्मक रूप से प्रभावित करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटलीकरण और प्रौद्योगिकी की शक्ति का उपयोग करने का सपना देखते हैं।
भविष्य के लीडरों में जोश भरना और उनको प्रेरणा देना
आज के युवाओं को भविष्य का लीडर बनने के लिए सशक्त बनाना अग्रवाल जी का सबसे बड़ा जुनून है। वह नियमित रूप से उद्यमियों को परामर्श देते हैं और मार्गदर्शन प्रदान करते हैं कि वे अपने उद्यमों में कैसे सफल हों। उनको दुनिया भर के छात्रों के साथ वार्तालाप करने में मज़ा आता है। वे युवाओं को कड़ी मेहनत करने तथा आसमान की ऊँचाईयों तक पहुँचने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
