डिजिटली-संचालित बिजनेस

हमारा डिजिटल-प्रथम दृष्टिकोण रिकवरी में सुधार करता है, उत्पादन को बेहतर बनाता है, सुरक्षा बढ़ाता है और उत्पादकता को अधिकतम बनाता है।

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वेदांता के डिजिटल-फर्स्ट अप्रोच और उन्नत तकनीकों पर अत्यधिक फोकस के परिणामस्वरूप इसकी सभी व्यावसायिक इकाइयों में प्रक्रियाएं बेहतर हुई हैं और सहभागिताओं में भी उन्नति हुई है। स्मार्ट एनालेटिकल डैशबोर्ड, पावरबीआई और पावर ऐप प्रभावी निर्णय लेने के लिए सूचनाओं तक आसान पहुँच प्रदान करते हैं। वेदांता ने मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन, वीपीएन, क्लाउड प्रॉक्सी, डेटा लीकेज प्रिवेंशन टूल और एज़्योर इंफॉर्मेशन प्रोटेक्शन को लागू करके साइबर सुरक्षा को भी मजबूत किया है।

ग्रुप स्तर पर इन इनीशिएटिवों के अलावा, वेदांता के प्रत्येक बिजनेस ने डिजिटलीकरण और इनोवेशन की दिशा में अपनी परिवर्तनकारी यात्रा शुरू कर दी है।

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वर्चुअल कोविड मार्शल

वेदांता एल्युमीनियम ने वर्चुअल कोविड मार्शल को लागू किया है, जो सभी एसओपी पालन करने के लिए निर्धारित किया गया एक मास्टर डैशबोर्ड है, जिसमें मास्क की मौजूदगी, सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन या सफाई और कीटाणुशोधन की कमी का पता लगाया जाता है। किसी भी तरह के उल्लंघन को रियल-टाइम बेसिस पर पकड़ लिया जाता है जिसके लिए सूचनाएं भेजी जाती हैं। नियमों के अनुपालन का संक्षिप्त विवरण केवल एक बटन के क्लिक पर तैयार किया जाता है। एआई बेस्ड टूल सभी स्थानों पर नियमों के अनुपालन को ट्रैक करता है।

क्षमता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना

वेदांता के एल्युमीनियम बिजनेस और जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) ने भारत के झारसुगुडा में स्थित अपने सबसे बड़े स्मेल्टर में जीई के डिजिटल स्मेल्टर सोल्यूशन्स को लागू करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं ताकि इसकी परिचालन क्षमता और उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके। भारत में किसी भी एल्युमीनियम संयंत्र में लागू की गई इस तरह की यह पहली डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजी से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के प्रति वेदांता की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का पता चलता है। एडवांस्ड एनालेटिक्स के साथ, इस टेक्नोलॉजी से स्मेल्टर में विशिष्ट बिजली खपत में काफी हद तक कमी होने की उम्मीद है। विशिष्ट रूप से कहे तो, डिजिटल स्मेल्टर सॉल्यूशंस से प्रभावित विशिष्ट बिजली खपत में एक प्रतिशत की कमी से ही अकेले स्मेल्टर पॉटलाइन में वार्षिक तौर पर एक मिलियन टन एल्युमीनियम उत्पादन करने पर ही लगभग 4-5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की बचत हो सकती है। इसके अलावा, इस डिजिटल सॉल्यूशंस से कच्चे माल के उपयोग में सुधार होगा, स्मेल्टर पॉट लाइफ में वृद्धि होगी, परिचालन क्षमता बेहतर बनेगी, सुरक्षा को अधिकतम किया जा सकेगा और अपव्यय के कम होने की उम्मीद है, जिससे सर्वश्रेष्ठ परिणाम प्राप्त होंगे और लागत में भी काफी बचत होगी।

बॉक्साइट कंट्रोल टॉवर

वेदांता का लांजीगढ़ में स्थित बॉक्साइट कंट्रोल टॉवर प्रोजेक्ट एंड-टू-एंड बॉक्साइट सप्लाई चेन पर केंद्रित है। प्लांट की बॉक्साइट सप्लाई और मांग को पूरा करने के लिए योजना, प्रबंधन और नियंत्रण से जुड़ी हर समस्या का इसके माध्यम से समाधान मिलेगा। प्लांट की बॉक्साइट सप्लाई और मांग को पूरा करने के लिए योजना, प्रबंधन और नियंत्रण के सभी पहलुओं को यह समाधान पूरा करेगा।

इस प्रोजेक्ट से मिलने वाले व्यावसायिक लाभ हैं

  • संपूर्ण बॉक्साइट लॉजिस्टिक की खरीद की योजना, ट्रैकिंग, निगरानी और फाइनेंस
  • सभी स्थानों पर इन्वेंट्री, गुणवत्ता और मात्रा की ट्रैकिंग
  • एनालेटिकल डैशबोर्ड और रिपोर्ट
  • विभिन्न चरणों में लागत, मात्रा और गुणवत्ता की पूर्ण संतुष्टि के साथ निर्णय लेने में तेजी
  • एफओआईएस इंटीग्रेशन और प्रक्रियाओं को संगत बनाना
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सहभागिता सेंटर

हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने एक सहभागिता सेंटर शुरू किया है, जिसे खनन उद्योग में दुनिया का सर्वश्रेष्ठ इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) सेटअप कहा जा सकता है। इस सेंटर में हमारे सभी परिचालनों से जुड़ी डेटा-संचालित निर्णय लेने की प्रक्रियाओं को शामिल किया है, और इस कदम के तहत हमने एक ऐसे इकॉसिस्टम को तैयार करने का लंबा सफर प्रारंभ किया गया है, जहां ऑपरेशन टीम, ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (ओईएम), सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट्स (एसएमई), डेटा साइंटिस्ट और सीनियर मैनेजमेंट सार्थक परिणामों की दिशा में निर्बाध रूप से एक-दूसरे का सहयोग करेंगें।

गैम्सबर्ग में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन

गैम्सबर्ग में जिंक इंटरनेशनल के फ्रैगमेंटेशन प्रोजेक्ट में खनन ट्रकों और वाहनों से रियल टाइम में रॉक-आकार की माप लेना अनिवार्य बना दिया गया है। यह इनीशिएटिव माइनिंग ब्लास्टिंग डिजाइन कम्पलायंस, क्रशर परफॉर्मेंस और मिल फीड पार्टिकल साइज के बारे में पूर्ण जानकारी प्रदान करता है। इससे गैम्सबर्ग को डाउनटाइम कम करने और रिकवरी में सुधार करने के लिए बेहतर प्रोऐक्टिव निर्णय लेने की सुविधा मिलती है।

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प्रोजेक्ट निर्माण

वेदांता का केयर्न ऑयल एंड गैस इस उद्योग में डिजिटल प्रौद्योगिकी को अपनाने में अग्रणी रहा है। अपनी प्रमुख इनीशिएटिव के तहत, प्रोजेक्ट निर्माण, केयर्न अभिज्ञात और सामिरक महत्व वाली अनिवार्यताओं जैसे कि एसेट इंटीग्रिटी एंड रिलायबिलिटी, डिक्लाइन मैनेजमेंट, बिजनेस प्रोसेस इम्प्रूवमेंट, और बहुत कुछ, पर डिजिटलाइजेशन इनीशिएटिव लागू करने के लिए काम कर रहा है।

पूर्वानुमानित विश्लेषण

केयर्न सतही परिसंपत्तियों की विश्वसनीयता और अखंडता में सुधार के लिए पूर्वानुमानित विश्लेषण लागू कर रहा है। ऑप्टिमाइज्ड वर्कओवर रिग शेड्यूलिंग, मशीन लर्निंग का उपयोग करके उत्पादन में सुधार, और जेट पंप, ईएसपी और कारखानों पर एक्सेप्शन बेस्ड सर्वेलेंस से कंपनी को अपने व्यावसायिक उद्देश्य प्राप्त करने में मदद मिल रही है। किसी भी विश्लेषणात्मक मॉडल का विकास करने के लिए सूचना की एकीकृत उपलब्धता अत्यन्त महत्वपूर्ण होती है और यही एक डिफरेन्शीएटर बन जाता है। इसलिए, केयर्न ने डेटा कलेक्शन, स्टोरेज और मैनेजमेंट के लिए क्लाउड-बेस्ड डिजिटल ऑयल फील्ड्स को लागू किया है।

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वीएबी मेट कोक में इनोवेशन

वैल्यू एडेड-बिजनेस टीम ने बेहतर जल निकासी के लिए डिस्चार्ज एंड लाइनर्स को बेहतर बनाने का समाधान खोज लिया है। उचित जल निकासी के लिए टिल्टिंग टेबल में लाइनर गैप 10 मिमी से बढ़ाकर 20-25 मिमी कर दिया गया है, जिससे निकासित जल हमेशा कोक से भरे रहने वाले घाट के बजाय एक सेटलिंग तालाब में जाता है। टीम ने बिजली से चलने वाली वाल्व के स्थान पर क्विक रेस्पॉन्स न्यूमैटिक वाल्व इंस्टॉल किया है, ताकि कोक के पूरे ढेर को प्रभावी ढंग से ठंडा किया जा सके और मैनुअल कोक शमन में कमी लाने के लिए हॉट कोक को हटाया जा सके। साथ ही, टिल्टिंग टेबल और डिस्चार्ज एंड लाइनर गैप्स को समय-समय पर साफ करने के लिए परिचालन के तहत नियम बनाया गया है।

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वी-एनेबल पोर्टल

इस इंटीग्रेटेड वेब सोल्यूशन का उपयोग मीटिंगों और एचआर संबंधी गतिविधियों का प्रबंधन करने के लिए किया जा सकता है। इसमें मीटिंग मैनेजर (जिसका उपयोग किसी भी मीटिंग के लिए आमंत्रण भेजने, दस्तावेज साझा करने और कार्यवाही को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने के लिए किया जा सकता है), एबीसीडी (मासिक आधार पर कर्मचारियों के केपीआई को बेहतर ढंग से ट्रैक करने और मासिक स्तर पर कर्मचारियों के प्रदर्शन को ट्रैक करने के लिए बनाया गया टूल), एचआर-ऑनबोर्डिंग(ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया और नए संभावित कर्मचारियों के अनुभव को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने के लिए टूल) शामिल किये गये हैं।

कस्टमर सहभागिता

कस्टमर की सुगमता और संतुष्टि के पहलुओं को कवर करते हुए, ईएसएल ने कस्टमर पोर्टल लॉन्च किया है, जिसमें ऑटोमेटिक सैप कस्टमर मास्टर क्रिएशन, ऑटोमेटिक सैप कस्टमर मास्टर मोडिफिकेशन और कस्टमर सेल्स क्वेरी, कम्प्लेंट, तथा फीडबैक की सुविधा दी गई है, जिसे सैप डेटाबेस में सीधे भरा जा सकता है तथा इसका आगे की विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग के लिए उपयोग किया जा सकता है। इस इनीशिएटिव से कस्टमर के साथ संबंध स्थापित हुआ है और इसके परिणामस्वरूप कस्टमर मैनेजमेंट बेहतर बन गया है।

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सीएसआर में डिजिटल ट्रांसफ़ॉर्मेशन

स्टरलाइट कॉपर ने संयंत्र परिसर के आसपास के समुदायों को स्वच्छ जल आपूर्ति को नियमित करने के लिए एक डिजिटल इनीशिएटिव लागू किया है। बिना किसी मैनुअल हस्तक्षेप के डिज़ाइन किया गया यह इनोवेशन, सामुदायिक लाभार्थियों को होने वाली जल आपूर्ति को ट्रैक करके और उसकी निगरानी करके प्रक्रिया का प्रबंधन करने के लिए क्यूआर कोड स्कैनिंग तकनीक का उपयोग करता है।

एओ वॉर रूम डैशबोर्ड वीआईए एमआईआई

एमआईआई में रीयल टाइम डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से प्रमुख ऑपरेटिंग पैरामीटरों, एमटीटीआर, एमटीबीएफ, पीएमआई कम्पलायंस की ट्रैकिंग। इसके परिणामस्वरूप डेटा रिट्रीवल के टर्न-अराउंड टाइम में कमी आई है, और असेट ऑप्टिमाइजेशन स्कोर भी बेहतर हुआ है।

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एडवांस पैटर्न रिकोग्निशन-फ्लीट मॉनीटर

फ्लीट मॉनिटर प्रोसेस सिग्नलों के टाइम-सीरीज डेटा के साथ काम करता है। यह इस डेटा को पीआई सिस्टम से पढ़ता और लिखता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में, डेटा वास्तव में डीसीएस डेटा एक्विसिशन सिस्टम इकट्ठा करते हैं। जबकि एक डीसीएस प्रोसेस सिग्नलों की निगरानी भी करता है और जब भी कोई सिग्नल पूर्व-निर्धारित सीमाओं का उल्लंघन करता है तो यह कार्यवाही करता है। हालाँकि, फ्लीट मॉनिटर बिल्कुल प्रारंभिक चरण में प्रोसेस या मशीन बिहेवियर में मामूली बदलाव का सिग्नल दे देगा, ताकि प्रोसेस के विश्लेषण को ट्रिगर किया जा सके, जिससे रखरखाव कार्रवाई शुरू हो सके। फ्लीट मॉनिटर को स्पष्टतया "रियल टाइम" में प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता नहीं होती है।

अनुमानित सिग्नल मानों में से वास्तविक रूप से मापे गये सिग्नल मानों को घटाने से तथाकथित "रेजिडुअल" मान प्राप्त हो जाता है। रेजिडुअलों का एक महत्वपूर्ण गुण यह है कि ऊपरी और निचली रेजिडुअल सीमाएं (थ्रेसहोल्ड) संबंधित प्रोसेस की परिस्थिति के अनुसार संबंधित सिग्नल मान के बढ़ने और गिरने के साथ-साथ मूव करेंगी। यह मोनिटरिंग अप्रोच डीसीएस अलार्म मान से कहीं अधिक संवेदनशील है।

सफलता की कहानियाँ

यूनिट -1 पीए फैन-बी ब्लेड पिच पोजिशन

ईडब्ल्यूएस ने वास्तविक नियोजित शटडाउन से 26 घंटे पहले ही विफलता का अनुमान लगा लिया था। इससे लगभग 2.5 मिलियन यूनिट की बचत हुई। साथ ही पीए हैडर प्रेशर पर यूनिट ट्रिप कम होने से, सिस्टम अनियोजित आउटेज की किसी भी संभावना को कम कर देता है।

यूनिट -2 एपीएच-ए गाइड बियरिंग टेम्प

ईडब्ल्यूएस ने 9.5 घंटे पहले विसंगतियों की सूचना दे दी थी, जैसे ही इसका पता चला बीएमडी ने तुरंत कार्यवाही की। जैसी कि योजना बनाई गई थी, इस कार्य को पूरा करने में तुलनात्मक रूप से कम समय लगा, अगर यह एपीएच की अनियोजित आउटेज होती तो कहीं अधिक समय लगता।

एकॉस्टिक स्टीम लीक डिटेक्शन सिस्टम

लीकेज का जल्दी और सटीक पता लगाने के लिए, बॉयलर में अलग-अलग ऊंचाईयों पर तीस एकॉस्टिक सेंसर लगाये गए हैं जो ट्यूब लीकेज का पता लगाते हैं और एएसएलडी सिस्टम पर प्रासंगिक सिग्नल भेजते हैं।

  • खरीद की योजना, ट्रैकिंग, निगरानी , संपूर्ण बॉक्साइट लॉजिस्टिक का फाइनेंस
  • भाप की ऊष्मा के कारण पाइप के विस्तारित होने या सिकुड़ने से तनाव।
  • थ्रेडेड कॉम्पोनेंट उस तनाव के कारण ढीले हो जाते हैं।
  • गैस्केट खराब हो जाती है।