दुनिया को जिंक गैल्वनाइजिंग की सेवाएं प्रदान करना

Watch 360o Walkthrough

जिंक की प्रकृति

वेदांता जिंक दुनिया में सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड जिंक-लेड खननकर्ता है।

हमारी 50+ वर्षों की परिचालन विशेषज्ञता, अभूतपूर्व प्रौद्योगिकी और नवपरिवर्तनों पर जोर देने से हमें अपने लोगों की सुरक्षा और दुर्लभ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जवाबदेह होने में मदद मिलती है।

हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (एचजेडएल) में वेदांता की हिस्सेदारी 64.9% है और इसके इंटीग्रेटेड जिंक परिचालन की भारत के प्राथमिक जिंक बाजार में 75% हिस्सेदारी है। वित्तीय वर्ष 23 में ~ 714 टन के वार्षिक उत्पादन के साथ हिंदुस्तान जिंक विश्व स्तर पर पांचवां सबसे बड़ा सिल्वर उत्पादक रहा है।

भारत में एनएसई और बीएसई पर सूचीबद्ध, हिंदुस्तान जिंक ने एक सस्टेनेबल भूमिगत खनन बिजनेस स्थापित किया है, जिसमें 5 जिंक-लेड खदानें, 1 रॉक-फॉस्फेट खदान, 4 हाइड्रोमेटेलर्जिकल जिंक स्मेल्टर, 2 लीड स्मेल्टर, 1 पाइरो मेटालर्जिकल उत्तर पश्चिम भारत में जिंक-लेड स्मेल्टर, सल्फ्यूरिक एसिड और कैप्टिव पावर प्लांट शामिल हैं तथा उचित परिचालन के साथ बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम हैं। विस्तार के बाद से हिंदुस्तान जिंक की खनन क्षमता हमारी धातु खनन क्षमता को 1.2 मिलियन टन से बढ़ाकर 1.35 मिलियन टन प्रति वर्ष तक ले जाएगी।

वेदांता जिंक इंटरनेशनल (वीडीआई) के परिचालन में नामीबिया की स्कॉर्पियन जिंक खदान और रिफाइनरी, आयरलैंड में लिशीन खदान और दक्षिण अफ्रीका में ब्लैक माउंटेन माइनिंग (बीएमएम) लिमिटेड शामिल हैं। दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया में स्थित जिंक परिसंपत्तियों का समूहीकरण दुनिया में अयस्क की उपलब्धता के मामले में सबसे बड़ा सिंगल स्ट्रीम जिंक बेनिफिशिएशन प्लांट है।

बीएमएम में दो अंडरग्राउंड शाफ्ट - डीप और स्वार्टबर्ग - तथा एक प्रोसेसिंग प्लांट शामिल हैं। डीप शाफ्ट कॉपर, लेड़ और जिंक का उत्पादन करता है, जिसमें सिल्वर एक उप-उत्पाद के रूप में उत्पन्न होती है। स्वार्टबर्ग शाफ्ट मुख्य रूप से कॉपर और लेड़ का उत्पादन करता है, जिसमें सिल्वर एक उप-उत्पाद के रूप में उत्पन्न होती है।

स्कॉर्पियन में 100% और बीएमएम में 78% हित के साथ, वेदांता जिंक इंटरनेशनल का लक्ष्य एक एकीकृत, विश्वस्तर का क्षेत्रीय जिंक कॉम्प्लेक्स बनाना है। वीजेडआई लगभग 2700 लोगों को रोजगार प्रदान करता है, जिनमें से ~99% स्थानीय दक्षिण अफ्रीकी जनता है।

  • जिंक दुनिया में चौथी सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली धातु है
  • अपने मजबूत जंगरोधी गुणों के कारण, जिंक का उपयोग ऑटोमोबाइल, मेट्रो रेल और अर्बन ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए किया जाता है।
  • जिंककाउपयोग व्यापक रूप से कंस्ट्रक्शन, डाई-कास्टिंग एलॉय, ब्रास, ऑक्साइड, और रसायनों के गैल्वनाइजिंग में किया जाता है
  • भारतमें जिंक की 65 - 70% मांग स्टील के गैल्वनाइजिंग हेतु आती है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से कंस्ट्रक्शन और इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर क्षेत्रों में किया जाता है।
  • भारत के पास 1 करोड़ टन जिंक के भंडार होने का अनुमान है।
  • वर्तमान में भारत में 0.4 किलोग्राम प्रति व्यक्ति जिंक की खपत होती है।
  • भारत में सीएजीआर के आधार पर जिंक की मांग 3 से 4% बढ़ने की उम्मीद है।
  • 2030 तक जिंक सीएजीआर के आधार 1.4% की दर से भारत की शहरीकरण योजनाओं के विकास में सहायता करेगा।
  • वीजेडआई डीप शैफ्ट का वार्षिक उत्पादन जिंक-समतुल्य धातु अयस्क का 102 किलोटन वार्षिक है।
  • वीजेडआई स्वार्टबर्ग का वार्षिक उत्पादन जिंक-समतुल्य धातु अयस्क का 13.5 किलोटन वार्षिक है।

संधारणीय विकास के साथ बढ़ते कदम

हिंदुस्तान जिंक जो जिंक, लेड़ और सिल्वर का उत्पादन करता है, वह आधुनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। जिन घरों में हम रहते हैं, जिन इमारतों में हम काम करते हैं, जिन कारों को हम चलाते हैं, जिन पुलों का हम दूसरी तरफ जाने के लिए उपयोग करते हैं, जिन ट्रांसमिशन टावरों की हमें जरूरत है, से लेकर अनगिनत कई तरह की अन्य वस्तुओं में - जिंक, लेड़ और सिल्वर का किसी न किसी रूप इतना उपयोग किया जाता हैं कि हमें स्वयं नही मालूम कि हमारे दैनिक जीवन हमें इनकी कितनी जरूरत है। अधिक संसाधनों की लगातार बढ़ती माँग से निपटने के लिए, हिंदुस्तान जिंक का लक्ष्य भूमिगत जिंक खदानों से समग्र उत्पादन को बढ़ाना है।

दुनिया के लिए आवश्यक संसाधनों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, हिंदुस्तान जिंक ने खनन कार्यों के कारण पर्यावरण पर पड़ने वाले अवांछित प्रभावों को कम करने के लिए कार्रवाईयाँ की है और कई तरह के निवेश भी किये हैं। 2022 में, हिंदुस्तान जिंक ने अपने कार्यक्रमों को मजबूती प्रदान करना जारी रखा है, इनमें खुशी, नंद घर, शिक्षा संबल, कौशल विकास कार्यक्रम, महिला सशक्तिकरण-सखी, ग्रामीण खेल और लाइवलीहुड इनिशिएटिव प्रमुख हैं, जो समग्र सामाजिक कल्याण में योगदान प्रदान कर रहे हैं।

अति संक्षेप में कहें तो, अपने विविध पोर्टफोलियो, कार्यनीतियों और विश्व स्तरीय प्रौद्योगिकी का उपयोग करके खदानों के निर्माण व पर्यावरण पर पड़ने वाले उनके प्रभावों को कम करने की आकांक्षा के साथ, हिंदुस्तान जिंक ने बेहतरी के लिए बदलाव करना जारी रखा है।

3स - सुरक्षा, संधारणीयता और स्मार्ट माइनिंग पर हमारे अटूट विश्वास से हमें अभूतपूर्व परिणाम प्राप्त करने में मदद मिली है। अत्याधुनिक तकनीक और डिजिटलाइजेशन के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ दुनिया भर की सर्वोत्तम प्रथाओं को लगातार अपनाने से हमें वैश्विक लागत वक्र के निचले छोर पर रहने के साथ-साथ लक्षित रन रेट प्रदान करने में मदद मिली है। नवपरिवर्तन, खपत को संगत बनाना, बेहतर प्लानिंग करना, अनुशासित परिचालन, संधारणीय लागत को इष्टतम बनाने के प्रयास, विशुद्ध पूंजी आवंटन, फेवरेबल कमोडिटी सोर्सिंग, हमारे कुछ अनुबंधों की रि- डिज़ाइनिंग और रि-निगोशिएटिंग तथा कठोर बेंचमार्किंग हमें उत्कृष्टता के स्तर को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं।

अरुण मिश्रा

चीफ एक्सक्यूटिव ऑफिसर
जिंक व्यवसाय

विजन

दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे प्रशंसित जिंक, लेड और सिल्वर कंपनी बनना।

Follow us on