भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति

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दीर्घकालिक विकास में योगदान

11 अप्रैल, 2017 को वेदांता लिमिटेड और केयर्न इंडिया के बीच विलय की शुरुआत हुई थी।

भारत की अप्रकट ऊर्जा और खनिज संसाधन क्षमता का पता लगाने वाली केयर्न ऑयल एंड गैस भारत में कच्चे तेल का सबसे बड़ा निजी क्षेत्र का उत्पादक है। एक ऐसे बाजार में जहां 85% से अधिक तेल और 54% से अधिक गैस की मांग आयातित संसाधनों से पूरी होती हो, केयर्न ऑयल एंड गैस, वेदांता लिमिटेड, स्थानीय स्तर पर तेल और गैस का उत्पादन करके हमारे देश के आयात बोझ को कम करने में सक्रिय भूमिका निभाता है।

भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों के संबंध में आत्मनिर्भर बनाने के हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के साथ, केयर्न ऑयल एंड गैस, वेदांता लिमिटेड, भारत के तेल और गैस के वार्षिक उत्पादन में 25% से अधिक का योगदान दे रहा है। हमने पूरे भारत में 58 ब्लॉकों के अपने पोर्टफोलियो के साथ 50 से अधिक हाइड्रोकार्बन खोजें की हैं। राजस्थान में हमारा मंगला क्षेत्र पिछले एक दशक से अधिक समय के दौरान भारत में सबसे बड़ी तटवर्ती तेल खोज है। पिछले कुछ वर्षों में, केयर्न ऑयल एंड गैस, वेदांता लिमिटेड ने 3डी सिस्मिक प्रौद्योगिकी, हाइड्रोलिक फ्रैक्चरिंग पद्धति, एनहेंस्ड ऑइल रिकवरी (ईओआर) तकनीक, आर्टिफिशियल लिफ्ट, स्किन इफेक्ट हीट मैनेजमेंट सिस्टम, और अल्केलाइन सरफेस पॉलीमर फ्लडिंग सिस्टम जैसी प्रौद्योगिकियों व प्रणालियों का विकास किया है। ये नवपरिवर्तनों से हमें नए व पुराने क्षेत्रों से प्रभावी ढंग से संसाधनों को खोजने, व्यावसायीकरण और रिकवरी करने में मदद मिलती हैं।

  • भारत में सबसे बड़ी निजी तेल व गैस खोजकर्ता और उत्पादन कंपनी
  • वित्तीय वर्ष 2021 के दौरान भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की खपत ~194 मिलियन मेट्रिक टन थी।
  • वित्तीय वर्ष 2020 में केयर्न का भारत में कच्चे तेल के उत्पादन में लगभग 25% का योगदान रहा था।
  • वित्तीय वर्ष 2022 में 161 KBOEPD का औसत सकल परिचालित उत्पादन
  • नए गैस प्रोसेसिंग टर्मिनल का निर्माण पूरा; चालू होने वाला है और वर्तमान वित्तीय वर्ष 2022 की पहली तिमाही तक ~ 100 mmscfd के योगदान की उम्मीद है।
  • दुनियामें एक सबसे बड़ी पॉलिमर ईओआर परियोजनाओं को निष्पादित किया

संधारणीय विकास के साथ बढ़ते कदम

भारत दुनिया में तेल का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता देश है। तेल और गैस उद्योग भारत के आर्थिक विकास में प्रमुख योगदानकर्ताओं में से एक है। 2030 तक तेल और गैस की मांग 2.4% सीएजीआर तक बढ़ने की उम्मीद है। केयर्न ऑयल एंड गैस, वेदांता लिमिटेड का लक्ष्य इस बढ़ती मांग को पूरा करना और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना में योगदान देना है। हमने वित्तीय वर्ष 2021 में 74 नए कुओं को जोड़ा है ताकि भारत सरकार की तेल आयात को 10% तक कम करने के लक्ष्य तक पहुँचने में मदद मिल सके।

जबकि हम भारत को दुनिया भर के तेल के शीर्ष निर्यातकों में शामिल करने का प्रयास कर रहे हैं, केयर्न ऑयल एंड गैस, वेदांता लिमिटेड का लक्ष्य भी उसके कार्यकारी क्षेत्रों में मौजूद समुदायों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। हमने कई प्रतिष्ठित गैर-सरकारी संगठनों के साथ भागीदारी की है ताकि जमीनी स्तर पर एक वास्तविक संधारणीय प्रभाव डाला जा सके। बाल कल्याण व शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य देखभाल, पेयजल व स्वच्छता और इनके जैसे समाज के विविध पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ, वेदांता का लक्ष्य उन क्षेत्रों में समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास लाना है, जिनमें हम काम करते हैं।

विजन

स्वास्थ्य, सुरक्षा, संधारणीयता और परिचालन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए, प्रौद्योगिकी व डिजिटलीकरण के माध्यम से भारत की ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में विश्वसनीय ढंग से परिवर्तन लाना।

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