भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति
संधारणीय विकास के साथ बढ़ते कदम
भारत दुनिया में तेल का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता देश है। तेल और गैस उद्योग भारत के आर्थिक विकास में प्रमुख योगदानकर्ताओं में से एक है। 2030 तक तेल और गैस की मांग 2.4% सीएजीआर तक बढ़ने की उम्मीद है। केयर्न ऑयल एंड गैस, वेदांता लिमिटेड का लक्ष्य इस बढ़ती मांग को पूरा करना और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना में योगदान देना है। हमने वित्तीय वर्ष 2021 में 74 नए कुओं को जोड़ा है ताकि भारत सरकार की तेल आयात को 10% तक कम करने के लक्ष्य तक पहुँचने में मदद मिल सके।
जबकि हम भारत को दुनिया भर के तेल के शीर्ष निर्यातकों में शामिल करने का प्रयास कर रहे हैं, केयर्न ऑयल एंड गैस, वेदांता लिमिटेड का लक्ष्य भी उसके कार्यकारी क्षेत्रों में मौजूद समुदायों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। हमने कई प्रतिष्ठित गैर-सरकारी संगठनों के साथ भागीदारी की है ताकि जमीनी स्तर पर एक वास्तविक संधारणीय प्रभाव डाला जा सके। बाल कल्याण व शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य देखभाल, पेयजल व स्वच्छता और इनके जैसे समाज के विविध पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ, वेदांता का लक्ष्य उन क्षेत्रों में समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास लाना है, जिनमें हम काम करते हैं।
